परम पूज्य सदगुरु श्री अनिरूध्द को जो धर्म अभिप्रेत है वह है मानवधर्म। सत्य-प्रेम-आनंद यही वह धर्म है इस धर्म के लिए निर्माण किया गया कार्यक्रम यानि तेरह कलमी योजना।३ अक्टूबर २००२ के दिन डॉ. अनिरुद्ध धैर्यधर जोशीने इस कार्यक्रम को जाहिर किया। उनके नजरिये से वह कार्यक्रम प्रगति का एक साधन है, प्रगति का एक ऐसा सहज और आसान मार्ग है कि इसके लिए किए गए हर एक परिश्रम से हर एक का कल्याण ही होता रहेगा।

तेरह कलमी योजना यानि सभी की सभी समस्याओं का हल! फिर वह समस्या भले मानव के कपड़ो की हो, शिक्षण के संबंध में हो, पर्यावरण के साथ जुड़ी हो, या फिर आध्यात्मिक हो सभी चीजों के लिए यह उपयुक्त है। एक संपूर्ण व्यक्तिमत्त्व बनाने के लिए यह तेरह कलमी कार्यक्रम आवश्यक है। यह एकमेव और अद्वितीय ऐसे एक द्रष्टा की दृष्टि है, क्योंकि इसकी हर एक योजना को हर कोई बहुत ही आसानी से कर सकता है और सबसे महत्त्वपूर्ण बात है कि यह योजना इंसान-इंसान के बीच प्रेम का अंकुर बोनेवाली और बढ़ानेवाली है। इस योजना की नींव आगे दी गई तीन महत्वपूर्ण बातों पर रखी गयी हैं – मेरा मेरे पास-पड़ोस में होनेवाले व्यक्तियों पर प्रेम, मेरी मातृभूमिपर प्रेम, और मेरे भगवान पर प्रेम !!!

13 Points Programme

तेरह कलमी योजना के प्रकल्प आगे बताये गए हैं :

चरखा प्रकल्प :

इस योजना के द्वारा चरखा चलाकर उसपर सूत कताई करके उससे पाठशाला के विद्यार्थियों के लिए गणवेश तैयार किए जातें हैं। जिन गांवों में इनकी आवश्यकता हैं ऐसे गांवों में जाकर इन गणवेशों का वितरण किया जाता हैं।

रद्दी योजना :

इस में जमा की गयी रद्दी से विविध चीजें बनायी जातीं हैं।

बारा मास खेती चारा योजना :

इस में मकई बोकर उसकी फसलें (घास) दुष्काल से ग्रस्त भागों में गाय-बैलों को पहुंचायी जाती हैं।

http://hindi.aniruddhafoundation.com/compassion-round-the-year-farming-fodder-project/ 

विद्या प्रकाश योजना :

जिन गांवों में बिजली की सप्लाई नहीं हैं, ऐसी जगहों पर मोमबत्तियां और माचिस बक्सों का वितरण किया जाता हैं, जिससे वहां के बच्चों की पढाई में बिजली के अभाव से आनेवाली कठिनाईयों को दूर करने में ये सहाय्यक सिद्ध होती हैं।

सफाई :

सफाई सिर्फ (अपने) घरों की नहीं, तो अपने पास पड़ोस के इलाके (परिसर) की सफाई होना भी आवश्यक होता हैं, और इसीलिए इस योजना के अंतर्गत विविध अस्पतालों में, गणपती विसर्जन के समय चौपाटी पर सफाई की मोहिम का आयोजन किया जाता हैं।

जनरल नॉलेज बॅंक :

विश्व के विविध क्षेत्रों में होनेवाली घटनाओं को समयानुसार समझ लेने की आदत डालने के लिए और वैसे ही नई-नई जानकारी के बारे में अपने-आप को अद्ययावत रखने के लिए इस बैक की स्थापना की गयी है।

http://hindi.aniruddhafoundation.com/compassion-general-knowledge-bank/

भारतीय भाषा संगम :

अपनी मातॄभाषा के अलावा कम से कम एक और भाषा हमें आनी चाहिए यही इस योजना का उद्दिष्ट है। सदगुरु श्री अनिरूध्द बापू ने खुद अमराठी भाषिकों के लिए मराठी का वर्ग शुरु करके, उनको मराठी भाषा सिखायी। साथ ही संस्था ने ट्रॅवल गाईड नामक पुस्तिका प्रकाशित की है, जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, कन्नड, अग्रेंजी, मल्यालम्‌ एवं तेलगु ऐसी विविध भाषाओं में दैनंदिन व्यवहार में काम आनेवाले उपयुक्त संवाद हैं।

पांच खंडों का अभ्यास :

पांचों खंडों का वैज्ञानिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक अभ्यास करना आवश्यक हैं और इसी के लिए इस संस्था ने यह उपक्रम अपने हाथों में लिया है। बिगर राजकीय दैनिक प्रत्यक्ष के पूरे दो पन्ने अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिए रखे गए हैं, जिस में विश्व के आर्थिक, सामाजिक, तकनीकीज्ञान, विज्ञान ऐसे विविध क्षेत्रों में होनेवाली घटनाओं का परामर्श लिया जाता है।

पुराना वही सोना (जुने ते सोने) :

इस में जरूरतमंद लोगों को पुराने कपड़े या पुराने बर्तन और बच्चों को पुराने खिलौनों आदि का वितरण किया जाता हैं।

वात्सल्य का दुलार (माया का दुलार) :

इस में ठंड से राहत पाने के लिए गांवों में स्वेटर्स, रजाई आदि का वितरण होता है और इस के लिए संस्था द्वारा स्वेटर्स और रजाई बनाने का प्रशिक्षण इच्छुकों को दिया जाता हैं।

अहिल्या संघ :

इस प्रकल्प के अंतर्गत हर एक महिला को स्वरक्षण के लिए प्राचीन बलविद्याका प्रशिक्षण दिया जाता हैं।

http://hindi.aniruddhafoundation.com/compassion-ahilya-sangha-project/

श्रीमद्‌पुरुषार्थ ग्रंथराज :

ये सद्गुरु श्री अनिरूध्द बापू ने लिखे हुए तीन ग्रंथ हैं – सत्यप्रवेश, प्रेमप्रवास औरआनंदसाधना, जिससे हम सभी सत्य के मार्ग पर, प्रेम प्रवास करतें हुए आनंद से अपना पुरुषार्थ बना सकतें हैं।

अनिरुद्धाज्‌ अ‍ॅकॅडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट :

इसमें एक सप्ताह के कालावधि में आपत्ति व्यवस्थापन का विनामूल्य प्रशिक्षण दिया जाता है, जिस से आप कोई भी आपत्ति आने पर बगैर डरे उसमें से खुद का और खुद के साथ दूसरों का बचाव कर सकतें हैं। इसी के साथ ही यस अ‍ॅकॅडमी द्वारा केंचुएं की खाद (गांडूळखत), पल्स पोलिओ का खुराक पिलाना और वृक्षारोपण जैसे अनेक कार्यक्रम भी आयोजित किए जातें हैं।

http://www.aniruddhasadm.com