प्रत्यक्ष’ शब्द का अर्थ ही कुछ ऐसा है कि ‘जहां दलीलों (तर्क) की और अनुमानों  की कोई आवश्यकता नहीं वह ‘प्रत्यक्ष’।

‘जो सभी कुतर्कों एवं अज्ञान को मिटा दें वह प्रत्यक्ष’

इसीलिए ‘प्रत्यक्ष’ यह इस अखबार का नाम बहुत सार्थक है क्यों कि ‘प्रत्यक्ष’ यह अखबार बिल्कुल ऐसा ही है। १५ दिसंबर २००५ के दिन लोटस पब्लिकेशन द्वारा दैनिक प्रत्यक्ष (मराठी )का पहला अंक प्रसिध्द हुआ। ‘बिगर राजकीय दैनिक’ ऐसी खुद की पहचान देनेवाला दैनिक प्रत्यक्ष।

यह दैनिक बिगर राजनीतिक है और इस में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की पहुँच रखनेवाली का बेध लेनेवाली, महत्त्वपूर्ण खबरें होती हैं। सनसनी खेज आरोप, प्रति आरोप, गॉसिप ऐसा कुछ भी इस दैनिक में नहीं हैं, किंतु अध्यात्म, इतिहास की अनुभूति और वास्तव का भान करा देनेवाली उच्चकोटी की लेखमालाएं इसमें हैं। इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण साबित हुई लेखमाला यानि तृतीय महायुध्द!

इसके पश्चात ‘तुलसीपत्र’ इस अग्रलेख मालिका में परमपूज्य बापू ने तुलसीदासजी के रामचरितमानस से सुंदरकांड की (अलग अलग पदों की) पंक्तियों का आशय (अर्थ) स्पष्ट करतें हुए श्रध्दावानों को जीवन के सभी क्षेत्रों में विकास कैसे करना चाहिए इस के बारे में मार्गदर्शन किया है।

दैनिक प्रत्यक्ष के अन्य सभी विभागों की जानकारी कर लेनी चाहिए  –

१) देहग्राम

२) रूपये के चारों दिशाओं में मंडरानेवाली दुनिया (फिरते रुपया भोवती दुनिया)

३) प्रदूषण व पर्यावरण

४) मेरा देश मेरी घटना (माझा देश माझी घटना)

५) चलता बोलता इतिहास (चालता बोलता इतिहास)

६) घरकुल

७) अंतरराष्ट्रीय विभाग (आंतरराष्ट्रीय सदर)

८) व्यासपीठ इस विभाग में उत्कृष्ट लेख दिए जातें हैं। ‘पत्रलेखन से पत्रकार बनिए, हम आप के वाचक हैं’ ऐसे शीर्षक के नीचे वाचक अपने मत (अभिप्राय) पत्र रूप से इस विभाग में लिख सकतें हैं। नई जानकारी भी दे सकतें हैं।

९) राज्य गंगा के तीर पर- (राज्य गंगेच्या तीरावर)

१०) राष्ट्र गंगा के तीर पर – (राष्ट्रगंगेच्या तीरावर)

११) प्राणी एवं वनस्पतियों की भिन्न भिन्न प्रजाति – उनका पता और खोज के बारे में जानकारी दी जाती हैं।

१२) श्रीसाईसच्चरीत के विभाग पर

१३) भारत के पर्यटन स्थल

१४) नाट्य़-सिने सृष्टि के लेख

साथ ही में नित्य जप, प्रार्थना, चित्र में रंग भरिए, अंतर पहचानिए आदि कई बातें जो छोटे बच्चों से लेकर बड़े आदमीयों तक के लिए उपयुक्त होती हैं, वे सारी बातें इस दैनिक में सम्मिलित की जाती हैं।

‘न्यूजकास्ट प्रत्यक्ष’ यह ऐसा संकेतस्थल हैं जहां पर पूरे विश्व की अलग अलग राजनीतिक घटनाएं, कार्यक्रम इनके बारे में खबरें हिंदी और अंग्रेजी (इंग्लिश) में उपलब्ध हैं। दैनिक प्रत्यक्ष (मराठी) की खबरें और साथ ही में लेखमालाएं हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध हैं।

डॉ.निकोल टेस्ला, नेताजी, आय.टी.क्षेत्र, संशोधन और संशोधनकर्ता इन विषयों पर उपयुक्त और महत्त्वपूर्ण जानकारी देनेवाले विभाग प्रत्यक्ष में लिखें गए थे।

यह सब जानने के बाद यह बात समझ में आती हैं कि प्रत्यक्ष यह सिर्फ दैनिक नहीं बल्कि धीरे धीरे सामाजिक बदलाव लानेवाला और वाचकों को आसान तरीके से पारिवारिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय और नैतिक जीवनमूल्यों का महत्त्व समझानेवाला एक अनमोल भांडार है। प्रत्यक्ष यह केवल दैनिक अखबार या समाचार पत्र नहीं है बल्कि एक खबरदार पत्र है जो हर एक श्रध्दावान को आगे आनेवाले काल के लिए सावधान करता है। परमपूज्य बापू को उनके श्रध्दावान मित्रों को जो कुछ बातें बतानी हैं वे सभी बातें ‘प्रत्यक्ष’ के द्वाराही पहुंचायी जायेंगी और इसीलिए आनेवाले काल में ‘प्रत्यक्ष’ हर एक श्रध्दावान को ‘आधार’ देने का कार्य करेगा इस में कोई शक नहीं। हर साल दत्तजयंति के दिन प्रत्यक्ष का वर्धापन दिन मनाया जाता है।