Aniruddha Foundation-Ramrasayan Grantha

रामरसायन ग्रंथ क्या है?

परमपूज्य सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध बापूने ‘रामायण’ जैसे महान पवित्र ग्रंथ का सार श्रद्धावानों के लिए सहज, सुंदर, शुद्ध मराठी भाषा में एवं सचित्र ‘रामरसायन’ ग्रंथ के रूप में बहाल कर दिया है। इस में राम जन्म से लेकर अयोध्या में रामराज्य की स्थापना होने तक की अत्यत्न सुंदर घटनाएँ श्रद्धावानों को पढ़ने को मिलती हैं।

रामरसायन अर्थात केवल प्रभु श्रीरामचंद्रजी का जीवनचरित्र ही नहीं बल्कि अपना जीवन चैतन्यरूप में तरोताजा रखकर सकारात्मक पद्धति से जीने के लिए होनेवाली एक आचार संहिता ही है। रसायन अर्थात एक ऐसी औषधि का सार जो हमारे जीवन को सतत एक नौचैतन्य प्रदान करता रहता है।

सर्वोच्च रहनेवाली श्रीराम की नि:स्वार्थ सेवा यही हर एक मानव के जीवन का परमोच्च शिखर है। और यही श्रीरामरसायन की आत्मा (गर्भगृह) है।

जीवन में घटित होनेवाले रामायण की पहचान :

रामायण के विभिन्न पात्र किस तरह से अपने जीवन के विविध पहलुओं को दर्शाते हैं यहीं बात यह पवित्र ग्रंथ हमें समझाकर बतला रहा है।रावण यह प्रतीक है दुष्प्रारब्ध का एवं तामसी अहंकार का जिससे मनुष्य के जीवन में भय उत्पन्न होता है। दुष्प्रारब्धरुपी रावण हमारे जीवन से शांति एवं तृप्तिरुपी जानकी को पुरुषार्थरुपी राम से जुदा कर देता है (दूर कर देता है)।

रावण का नाश करके अपने जीवन में रामराज्य कैसे लाना है इस बात का मार्गदर्शन इस ग्रंथ में किया गया है।रामरसायन कहाँ पर प्राप्त होगा?(रामरसायन नामक यह ग्रंथ कहाँ पर उपलब्ध होगा?यह पवित्र ग्रंथ गुरुक्षेत्रम्‌, साईनिवास, गुरुकुल जुईनगर साथ ही श्रीहरिगुरुग्राम (प्रवचन स्थल) में पितृवचन के समय उपलब्ध होता है।

रामरसायन (ग्रंथ)कहाँ पर प्राप्त होगा?

यह पवित्र ग्रंथ गुरुक्षेत्रम्‌, साईनिवास, गुरुकुल जुईनगर साथ ही श्रीहरिगुरुग्राम (प्रवचन स्थल) में पितृवचन के समय उपलब्ध होता है।इसके अलावा आगे दी हुई लिंक पर क्लिक करके भी रामरसायन उपलब्ध हो सकता है – https://www.e-aanjaneya.com/publications.faces?categoryCode=BK&publicationGrpCode=ALL&authName=ALL&publishName=ALL&SearchCriteria=ramrasayan