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श्रीहरिगुरुग्राम का अर्थ

सदगुरु श्री अनिरूध्द बापू  के पितृवचन जिस स्थल पर होतें हैं, उस स्थल को ‘श्रीहरिगुरुग्राम’ के नाम से संबोधित किया जाता है। श्रध्दावान श्री अनिरूध्द की कृपा का लाभ उठा सकते हैं वह स्थल है ‘श्रीहरिगुरुग्राम’।

श्री हरिगुरुग्राम के कार्यक्रम –

हर गुरुवार उपासना में (सांघिक उपासना) सहभाग लेने के लिये एवं सद्‍गुरु का दर्शन लेने के लिए हजारो श्रद्धावान एकत्रित होते हैं। सबसे पहले साईनिवास से विष्णुपाद  श्रीमद्‍पुरुषार्थ ग्रंथराज  का आगमन होता है एवं ग्रंथराज को पालकी (palanquin) में रखकर दिंडी के साथ स्टेज पर ले जाते हैं। इसके पश्चात बापू के घर में पूजन में रखे जानेवाले श्री दत्तात्रेय की मूर्ति का आगमन होता है| श्रध्दावानों को दत्तमूर्ति और ग्रंथराजपर पुष्पवृष्टि का अवसर प्राप्त होता है। दत्तबाप्पा की मूर्ति के आगमन के उपरांत उपासना की शुरुआत होती है।

हरिगुरुग्राम में होनेवाली उपासना का क्रम निम्ननिर्देशित है  –

श्रीगणेश, श्रीमहिषासुरमर्दिनी, श्रीसाईबाबा, श्रीस्वामीसमर्थ, श्रीहनुमंत, माता अनसुया, श्रीदत्तात्रेय आदि पर रचे हुए पवित्र स्तोत्रो एवं चलिसा पठण इनका समावेश इस उपासना में किया जाता है।

* श्रीशब्दध्यानयोग उपासना–   

वैदिक काल में इस उपासना को सर्वश्रेष्ठ माना गया था। जो कोई गुरुकुल में जाता था, उसे यही उपासना सिखायी जाती थी। श्रद्धावानों को इसका लाभ प्राप्त हो इसीलिये ‘श्रीशब्दध्यानयोग’ यह उपासना सद्‍गुरु बापूजी ने श्रीहरिगुरुग्राम यहाँ पर शुरु की हैं।

* श्री स्वस्तिक्षेम संवाद

 स्वस्तिक्षेम संवाद यानि संपूर्ण चण्डिकाकुल से संवाद करना। इस संवाद में हम अपने मन की बात चण्डिकाकुल से कर सकते हैं।

* श्री अनिरुद्ध बापूंके पितृवचन

सभी उपासनाओं के पश्चात बापू स्वयं विविध विषयों पर प्रवचन/पितृवचन करते हैं अथवा बापूजीने इससे पहले किए हुए प्रवचनों की सीडीज्‌ श्रीहरिगुरुग्राम यहाँ पर लगाई जाती है। इसकी विस्तृत जानकारी इस लिंक पर उपलब्ध है।

* आरती

प्रवचन के उपरान्त दुर्गे दुर्घट भारी, आरती साईबाबा, और दर्शन के उपरान्त पुन: दुर्गे दुर्घट भारी, ॐ साई श्री साई जय जय साईराम ये आरती की जातीं हैं।

सेवा उपक्रम

सद्‍गुरु श्रीअनिरूद्ध के कहेनुसार १३ कलमी योजना अंतर्गत पुराने वृत्तपत्र, चारा, लड़ियाँ (चरखेसे निकाला गया सूत), पुराने कपड़े, बरतन, खिलौने आदि जमा करके ये सभी चिजें ज़रूरतमंद लोगोंमे बाँटी जाती हैं।

भक्ति उपक्रम 

श्रध्दावान हरिगुरुग्राम में विविध भक्ति के उपक्रमों में सम्मिलित हो सकतें हैं। सुखसावर्णि प्रार्थना के माध्यम से भगवान त्रिविक्रम की आराधना कर सकतें हैं अथवा सत्संग का आनंद उठा सकतें हैं, एवं प्रसाद का लाभ भी उठा सकतें है। एवं धूप, सुदिप, त्रिपुरारी त्रिविक्रम मालायें अर्पण कर सकते हैं।

श्री हरिगुरुग्राम में होनेवाले दूसरे उत्सव और कार्यक्रम

श्री अनिरुद्ध उपासना फांऊडेशन  एवं संलग्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किये जानेवाले गुरुपूर्णिमा, श्रीअनिरुद्ध पूर्णिमा, श्रीधनलक्ष्मी पूजन इत्यादि उत्सव श्रीहरिगुरुग्राम यहाँ मनाये जाते हैं। इसके साथ ही श्री अनिरुद्ध चलिसा पठण, महारक्तदान शिविर, चरखा शिविर ऐसे अनेक कार्यक्रमों का आयोजन भी यहां पर ही किया जाता हैं ।

पता

श्रीहरिगुरुग्राम,

न्यू इंग्लिश स्कूल,

शासकीय वसाहत,

खेरवाडी, बांद्रा (पूरब)

उपासना का समय – हर गुरुवार को शाम ७.३० बजे