हमारे बारे में

सदगुरु श्री अनिरुद्ध बापू (डॉ.अनिरुद्ध धैर्यधर जोशी एम.डी.मेडिसीन-मुंबई) के आशिर्वाद और प्रेरणा से , कंपनी अधिनियम १९५६ के कलम २५ के अंतर्गत अप्रैल २००५ में शुरु हुई श्री अनिरुद्ध उपासना फाऊंडेशन यह एक ऐसी सेवाभावी संस्था है, जो बिना कोई भी मुनाफा या नुकसान के तत्व पर चलती है । इस फाऊंडेशन की स्थापना की शुरुवात से ही सदगुरु श्री अनिरुद्ध के आध्यात्मिक सींख का प्रचार और प्रसार करना और देश के विविध भागों में और परदेस में उपासना केंद्र की स्थापना करना यही संस्था का मुख्य उद्दिष्ट है । ....


सांघिक उपासना

  भारतीय संस्कृति में होनेवाली सांघिक उपासना का स्थान : सांघिक उपासना की सुंदर संकल्पना को पुनरुज्जीवित करने के उद्देश्य से सद्‌गुरु श्रीअनिरुद्ध बापूने अनेक स्थानों पर अनेकों उपासना केन्द्रों की स्थापना की दुनिया के कोने-कोने में विविध स्थानों पर

उपासना केंद्रो के स्थल

  श्री अनिरूध्द उपासना फाउंडेशन इस संस्था के पूरे विश्व में अलग अलग जगहों पर उपासना केंद्र हैं । आप आप के करीबी उपासना केंद्र खोजो बॉक्स में अपने रहने का स्थल डालकर खोज सकतें हैं ।    

भक्ति सेवा

प्रार्थना से प्राप्त होनेवाली शक्ति एवं उसके साथ ही होनेवाली सेवा यही सदगुरु श्रीअनिरुद्ध बापू जे भक्तिमय सेवा उपक्रम की बुनियाद हैं। भक्ती एवं समाज के लिए सेवा ये दोनों ही बातें एकत्रित रुप में होनी ही चाहिए और यही

आगे होनेवाले कार्यक्रम

• दशहरा उत्सव: ३० सितंबर, २०१७. • श्रीधनलक्ष्मी श्रीयंत्र पूजन: १७ अक्तूबर, २०१७. • श्री अनिरुद्ध पूर्णिमा (त्रिपुरारी पूर्णिमा): ४ नवंबर, २०१७.

अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर

अल्फा टू ओमेगा न्युजलेटर

“अल्फा टू ओमेगा “ यह हमारा न्युजलेटर यह अक ऐसा झरोखा है कि जहां आपको श्री अनिरूध्द उपासना फांउडेशन , अनिरूध्दाज ऍकेडमी ऑफ डिझास्टर मॅनेजमेंट और उसकी संलग्न संस्थाओंसे संबंधित वतमान में होनेवाले और आगे चलकर होनेवाले कार्यक्रमों के बारे में

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यश के अधिकारी

सदगुरु श्री अनिरूध्द उपासना केंद्र, मुरूड-जंजिरा की पूर्वा राजे इस श्रध्दावान लडकीने फतेहाबाद, हरयाना यहां पर हुए चौथे सब-ज्युनिअर और ज्युनिअर राष्ट्रीय लगोरी चैम्पियनशिप -२०१६ में दूसरा स्थान हासिल किया । इस यश के लिए अमॅचुअर लगोरी फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ( इंटरनॅशनल लगोरी फेडरेशन से संलग्न) उसे प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट) देकर सम्मानित किया ।

सदगुरु श्री अनिरूध्द उपासना केंद्र , वाशी के वेदांत सावंत इस श्रध्दावान बच्चे ने एलिफंटा से गेटवेऑफ इंडिया यह चौदह (१४) किलोमीटरका अंतर सबसे अधिक तेज गति में तैरकर नया विक्रम रचा है और वह "१० साल से कम आयु के बच्चों " के विभाग में सम्मिलित हुआ था ।