प्रभाव और जरुरत :

‘रक्त’ यानि, मानव के शारीरिक स्वास्थ्य को बरकरार रखनेवाला अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है। ‘रक्त’, के रक्तदाता का ही नहीं बल्कि, जिसे रक्त प्रदान किया जाता है उस मनुष्य का भी शारीरिक स्वास्थ्य बरकरार रखता है। इसीलिए ’रक्तदान’ करना विशेष महत्व रखता है। रक्तदान करना यानि जरुरतमंद व्यक्ति को जीवन की अनमोल भेंट देने जैसा है।

Blood Donation Camp

हादसा रास्ते पर हो या रेलवे का, अथवा थेलेसेमिया, ऐनेमिया (रक्तक्षय), रक्त का कैन्सर जैसी बीमारियां हों, या शल्य चिकित्सा करनी हो – इन सभी परिस्थितियों में खून की मांग होती है। इसलिए अस्पतालों में हर समय रक्त संतोषजनक मात्रा में उपलब्ध रहना चाहिए।

उदाहरण के तौर पर देखें तो केवल महाराष्ट्र में खून की सालाना जरुरत ७.५ लाख यूनिट्स (रक्त का एकक) है।

श्रीमद्पुरुषार्थ ग्रंथराज कहते हैं :

श्रीमद्पुरुषार्थ ग्रंथराज के तृतीय खंड ‘आनंदसाधना’ में सद्‌गुरू श्री अनिरुद्ध बापू ‘रक्तदान का महत्व’ समझाते हुए कहते हैं, ’परमात्मा को नौं प्रकार की बूंदें अत्यंत भाँति हैं, जिसमें से एक श्रद्धावान का दूसरे श्रद्धावान के प्रति निरपेक्ष भावना से किए गए रक्तदान की बूंदों का समावेश है।

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सन १९९९ से सद्‍गुरु श्री अनिरुद्ध उपासना ट्रस्ट के विद्यमान से हर साल अप्रैल महीने में ‘महारक्तदान’ शिविर का आयोजन किया जाता है।

इस वर्ष तक लगभग १ लाख से जादा युनिट्‍स (रक्त का एकक), इस शिविरद्वारा दान किए हैं।

 

 

 

 

mega Blood Donation camp overview since 1999-Aniruddha Foundation

Infograph Credits : http://www.aniruddhafriend-samirsinh.com

 

रक्तदान शिविर की समीक्षा :

जो अस्पताल एवं रक्त कोष इस शिविर में शामिल होते हैं, उनके डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के साथ संस्था की वैद्यकीय शाखा के डॉक्टर एवं पैरामेडिकल सदस्य भी उतनी ही तत्परता से सारा दिन रक्तदाताओं की सहायता हेतु उपस्थित रहते हैं। यदि किन्हीं इच्छुक रक्तदाताओं का रक्त वैद्यकीय कारण की वजह से नाकारा जाता है तो वे रक्तदाता ’चरखा चलाने की सेवा’ कर सकते हैं। इसकी वजह से वह भी नाराज न होते हुए, अपनी मेहनत का दान करके संतुष्ट होकर लौटते हैं।

इस रक्तदान शिविर में शामिल होनेवाले रक्तदाता किसी भी तरह का एवज नहीं लेते, यहां तक की ’रक्तदान कार्ड’ भी स्वीकारना नहीं चाहते। यही तो होता है नि:स्वार्थ दान जो इस रक्तदान शिविर का सौंदर्य अधिक बढ़ाता है! नि:स्वार्थ दान ही वास्तव में दिल से किया गया दान है, इस अहसास से ही मित्रता/बंधुता के भाव से इस रक्तदान शिविर में रक्तदान किया जाता है।

सन 2017 में किए गए रक्तदान शिविर की समीक्षा :

१६ अप्रैल २०१७ के दिन हुए रक्तदान शिविर की समीक्षा करें तो मुम्बई में कुल ३१/३२ रक्त कोष और कुल ५८२५ रक्तदाता शामिल हुए थे, तथा इसमें कुल ५२८८ रक्त यूनिट्‍स जमा किए गए थे। इसी दिन महाराष्ट्र में विभिन्न उपासना केंद्रों में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था जिसमें ३३५५ रक्तदाता शामिल हुए और २५०७ रक्त युनिट्‍स जमा किए गए। उस दिन कुल मिलाकर ९१८० रक्तदाताओं ने एक ही दिन रक्तदान शिविरों में शामिल होकर ७७९५ यूनिट्‍स रक्त जमा करने में सहायक हुए। मुम्बई के शिविरों में कुल ७०० कार्यकर्ताओं ने सेवा करके रक्तदान शिविर को सुचारु रूप से संपन्न किया।

सन 2017 में रक्तदान शिविर में ३२ रक्त कोष शामिल हुए थे।

Mega Blood Donation Camp 2017

 

An Overview of Events at Mega Blood Donation Camp 2017

 

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Doctors collecting blood at Mega Blood Donation Camp 2017

 

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Blood Collection at Mega Blood Donation Camp 2017

 

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